लिख के भूल जाना …

लिख के भूल जाना यही तो फितरत होती है।शायरी कब कहाँ किसी की इशरत होती है।। भूला दे, न देखे ज़माना, तुमको न समझे।दुनिया है, सबकी अपनी किस्मत होती है।। भूले सुबह के शाम हर बार नहीं लौटते।टूटे घुंघरूओं की अलग ही खनक होती है।। मिलना- जुलना तो लगा है चलता रहेगा।कहो बेवफ़ाई की भी कभी … Read more

डर लगता है

अकेले बहुत दिन हो गए डर लगता हैतन्हाई बिछड़ा हुआ हमसफर लगता है। मुझे तेरी कमी इतनी भी नहीं खलतीबस भीतर से यह शक़्स बेघर लगता है। आते जाते लोग हाल पूछ जाते हैशायद उनको यह बेखबर लगता है। अभी इतनी भी दूर नहीं निकला कीअंजान पुराना वो राहबर लगता है। एक पहर भी न … Read more

आसान तो नही होता।

जो आयी है लवों पर,तो कुछ तो वजह होगी। यूं बेमतलब मुस्कुराना,आसान तो नही होता।। ख़ुशी हो कोई गम हो,छलक कर तो आये। यूं कगार पे रह जाना,आसान तो नही होता। समा जलती बुझती,जैसे पलके हो झुकती, यूं सिमट के बिखर जाना,आसान तो नहीं होता।

किरायेदार

बेघर…सिसकती बेमौसम बरसात में,अपना सब्र-ओ-सामान लिए फिरते है।। हम उधरी जिल्द लगी एक,ज़िन्दगी की किताब लिए फिरते है।।किरायेदार है हम हरदम घर-ब-घर,उम्मीदें बेहिसाब लिए फिरते है।। तुम दिखते हो थक कर बैठे एक पड़ाव पर,हम कलेजे में उन्मुक्त उड़ान लिए फिरते है।।ज़ज़्बा कहां से लाओगे हमारे जैसा,नक़्शे मंजिलों के हज़ार लिए फिरते है।।

आधी मुहब्बत का कुछ तो असर होता है

नादान इस तरह न देख मुझे।तुझे अंदाज़ा नही की क्या होता है।।रगों में उफनता है सैलाब लहू का।सारी रात न इंसान ये फिर सोता है।। कनखियों से वाण सीधे जिगर पर।कहर मासूमियत में गजब होता है।।रहे आशिकी एक तरफा ही सही।आधी मुहब्बत का कुछ तो असर होता है।।

लहू का गुलाब

ज़हन में अंधेरा, बाहर चाँदनी, बदन में आग है।परवाना अंधा, समां रोशन, लहू का गुलाब है।। जो धंसा यूँ नस्तर उनके निगाहों का दिल पर।वो समझते कि जैसे बस उनका ही रुबाब है।। बेअदब धड़कन, लाइलाज़ उलझन, सर्द रात है।जुगनू चम-चम, बेख्याल मन, सवाल-ए-हयात है।। अलसायी पाजेब की छन-छन उकसाती है मन को।गुनाह मेरा भी … Read more

वतन में फूल तो खिलने जरूरी है।

तू हिन्दू बन हम मुसलमान बन जाते है।बहाने इश्क़ के थोड़े इन्शान बन जाते है।।करते है कबूल कुदरत की दौलत ।धर्म और मजहब से अनजान बन जाते है।। या राख हो या मिट्टी में मिल जाते है।जब तक सांस है कैसे शमशान बन जाते है।।खुदा खैर दे खामोश जिंदा बेज़ुबानों को।कैसे उबलती नसों पे कब्रिस्तान … Read more