जो आयी है लवों पर,
तो कुछ तो वजह होगी।
यूं बेमतलब मुस्कुराना,
आसान तो नही होता।।
ख़ुशी हो कोई गम हो,
छलक कर तो आये।
यूं कगार पे रह जाना,
आसान तो नही होता।
समा जलती बुझती,
जैसे पलके हो झुकती,
यूं सिमट के बिखर जाना,
आसान तो नहीं होता।
जो आयी है लवों पर,
तो कुछ तो वजह होगी।
यूं बेमतलब मुस्कुराना,
आसान तो नही होता।।
ख़ुशी हो कोई गम हो,
छलक कर तो आये।
यूं कगार पे रह जाना,
आसान तो नही होता।
समा जलती बुझती,
जैसे पलके हो झुकती,
यूं सिमट के बिखर जाना,
आसान तो नहीं होता।